शब्द
- Just yoohi
- Aug 29, 2023
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कुछ न कुछ लिखने को जी करता है
लेकिन वो शब्द भी तो नहीं मिलते है।
दुनियादारी के खेल का खिलाड़ी बन गया हूँ
और खिलाड़ी के पास दिल के शब्द नहीं होते है।
कई बार सोचता हूँ लिखना छोड़ दूँ
लेकिन यह नहीं पता कि बिना लिखे कैसे जीते है?
लिखने के लिए प्रेरणा या दिल में दर्द चाहिए
लेकिन अब सीने में दिल कहाँ होते है?
शौक तो जब नादान थे तब होते थे
समझदार होने के बाद तो सिर्फ फर्ज होते है।
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