बस यूँ ही...
- Just yoohi
- Aug 26, 2023
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बस यूँ ही एक दिन खयाल आया
चलो किसी अपने से बात की जाए
पुरानी बातों को याद की जाए।
फिर खयाल आया वो सब
अपनी जिंदगी में व्यस्त होंगे।
मेरी तरह फुरसत कहाँ होगी?
बस यूँ ही घुमते-फिरते पहुँचा समंदर किनारे
समंदर की लहरे बस यूँ ही आती जाती रहती थी।
उसे भी फुरसत कहाँ थी?
बस यूँ ही तभी खयाल आया
खुद से बात की उसे एक
अरसा हो गया था।
खुद की याद कभी आयी न थी।
चलो आज खुद से ही मिल लिया जाये
चलो आज खुद से ही बात कर ली जाये।
फिर खयाल आया कोई देखेगा तो
पागल समझेगा, यह अकेले में क्या बोल रहा है?
एक बार फिर बस यूँ ही
लोगों का सोचकर वापस चला आया!
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